Ahilya Bai Kanya Mufat Siksha Yojana

Ahilya Bai Kanya Mufat Siksha Yojana

Ahilya Bai Kanya Mufat Siksha Yojana

Ahilya Bai Kanya Mufat Siksha Yojana उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई सरकार जल्द ही (अहिल्याबाई कन्या नि: शुल्क शिक्षा योजना) को लॉन्च करने जा रही है। उत्तर प्रदेश सरकार की यह एक बहुत अच्छी पहल है। बीजेपी ने अहिल्या बाई निहलुल बालिका शिक्षा योजना के बारे में अप विधानसभा चुनाव 2017 के अपने घोषणापत्र में भी वादा किया। इस योजना के तहत सरकार शिक्षा के लिए लड़की की मदद करेगी। वर्तमान में सरकार अपने सरकारी प्राथमिक विद्यालय, ऊपरी प्राथमिक विद्यालय, जीआईसी और जीजीआईसी कॉलेज के माध्यम से कक्षा 1 से कक्षा 12 वीं तक मुफ्त शिक्षा प्रदान करती है।

सरकार ने उच्च स्तर की शिक्षा कार्यक्रम पर मुफ्त छात्रवृत्ति और Reimbursement भी प्रदान करती है। अब सरकार कक्षा 1 से BA स्तर तक की शिक्षा के लिए मुफ्त शिक्षा की पेशकश करेगी। सरकार ने हाल ही में 2017 – 2018 की वित्तीय योजना के लिए अपने वार्षिक बजट प्रकाशित किए हैं। इस योजना के तहत सरकार 21 करोड़ 21 लाख रुपये खर्च करेगी ताकि लड़कियों को मुफ्त में BA तक शिक्षा मिल सके।

Main features of Ahilya Bai Kanya Mufat Siksha Yojana

 * पहली बार सरकार ने शुरू की अहिल्याबाई कन्या निशुल्क शिक्षा योजना
 * हाईस्कूल में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र-छात्रा को मिलेगी दो हजार छात्रवृत्ति मिलेगी|
 * सरकार पहली बार सभी लड़कियों को ग्रेजुएट स्तर तक निशुल्क शिक्षा देने जा रही है।
 * इसके लिए बजट में 21.12 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
 * वहीं पहली बार यूपी बोर्ड से हाईस्कूल में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र व छात्रा को स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्रदान करने के लिए 2000 रुपये प्रतिमाह छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।
      अहिल्याबाई कन्या निशुल्क शिक्षा योजना में बालिका शिक्षा निशुल्क कर दी गई है।

* स्कूलों मे बच्चो को जूता,मोजा,स्वेटर बांटने के लिए 300 करोड़ तथा यूनिफॉर्म और किताबो के लिए 124 करोड़ का बजट।
 * स्कूलों में बच्चों को बैग बांटने के लिए 100 करोड़ का बजट,सिंगल विंडो क्लीयरेंस के लिए 10 करोड़ का बजट।
 * औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के तहत रोजगार प्रोत्साहन के क्रियान्वयन लिए 20 करोड़ का बजट।
 * अल्पसंख्यक छात्र छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने के लिए 791 करोड़ 83 लाख का बजट है।
 * अल्पसंख्यक छात्रो के छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 942 करोड़ का बजट।
 * वाईफाई के लिए सरकारी, प्राइवेट डिग्री कॉलेज, विश्वविद्यालयों को 50 करोड़ का बजट।
 * बजट के तहत लखनऊ यूनिवर्सिटी में भाऊराव देवरस शोध पीठ की स्थापना के लिए दो करोड़ रुपये की व्यवस्था।

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