Bank Loans for Cobblers in Haryana

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Bank Loans for Cobblers in Haryana

Bank Loans for Cobblers in Haryana :- हरियाणा सरकार ने मोचियों के लिए एक नई योजना की शुरुवात की है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा सरकार मोचियों को छोटे काउंटर स्थापित करने के लिए बैंक ऋण प्रदान करने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत हरियाणा सरकार बाद सरकार 15,000 रु तक की ऋण राशि प्रदान करेगी। यह योजना मुख्य धारा में अपने वित्तीय समावेशन के लिए शुरू की गई है। डीआरआई योजना के अंतर्गत कई सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंक 4% ब्याज दरों पर ऋण प्रदान करते हैं। इसके अलावा ये ऋण विभिन्न चयनित कम आय समूहों के लोगों को अपने नए / मौजूदा व्यवसायों को बढ़ावा देने के लिए दिया जाता है।

Haryana Govt. Bank Loans for Cobblers

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने की अध्यक्षता में हुई एक बैठक के दौरान कई बैंक मोचियों को इस आर्थिक सहयोग के लिए कर्ज देने पर आश्वासन दिया है। सरकार ने बैंकों को कहा कि डीआरआई योजना के तहत मोचियों को ज्यादा से ज्यादा सहायता दें ताकि ये भी मुख्यधारा में आ सकें। इसके अलावा हरियाणा सरकार किसी भी संभावित घटना के तहत बैंक लोन नहीं चुका पाने की स्थिति में मुख्यमंत्री राहत कोष के जरिये लोन चुकाने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने बैंकों से कहा कि वे अपने लाभों को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) के तहत अधिक से अधिक सामाजिक कार्यों में खर्च करें।

Haryana Cobblers Bank loans

1. हरियाणा सरकार में कोबनेर (Cobblers) को 15,000 रु की धन की राशि अपने स्वयं के व्यवसाय शुरू करने के लिए दी जाएगी।
2. इसके बाद इस योजना के जवाब में विभिन्न बैंक कोकब्लेर को ऋण प्रदान करने के लिए तैयार हैं।

3. डीआरआई योजना के तहत कोब्ब्लर्स को अब उनके उत्पादक काम को बढ़ावा देने के लिए 4% पर ऋण मिलेगा।

4. कई बैंक डीआरआई योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर cobblers को अधिकतम समर्थन प्रदान करेंगे ताकि उन्हें मुख्य धारा में लाया जा सके।

5. इस कारण से राज्य सरकार बैंकों के लिए बैक अप व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।

6. यदि कोई व्यक्ति समय पर अपना ऋण चुका नहीं सकता है। तो राज्य सरकार मुख्यमंत्री राहत निधि के माध्यम से ऋण राशि का पुनर्भुगतान करना चाहिए।

7. इसके अलावा राज्य सरकार ने बैंकर्स को कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) योजना के तहत सामाजिक कार्यों में अर्जित मुनाफे के कुछ हिस्से में योगदान देने के लिए भी आग्रह किया है।

 

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