India Turkey Sign Three Agreement 2017

India Turkey Sign Three Agreement

India Turkey Sign Three Agreement

India and Turkey sign three agreements on diplomacy, cultural exchange and on telecommunication during delegation-level talks between Prime Minister Narendra Modi and Turkish President Erdogan.

  • Diplomacy
  • Cultural exchange
  • Telecommunication

Both leaders stress on deeper engagements between the two countries. Prime Minister Modi said that India and Turkey share strong economic relations and he urged both nations to make an effort to maximise the potential that exists.

PM also mentioned that the government has planned to build 50 million houses across the country by year 2022 and for this purpose, FDI Policy in construction sector has been refined.

Earlier, Turkish President Recep Tayyip Erdogan was accorded a ceremonial reception at the Rashtrapati Bhawan in New Delhi on Monday.

The visiting dignitary held wide-ranging talks with President Pranab Mukherjee on key bilateral and regional issues.

It is the first official trip at the presidential level from Turkey to India in seven years.

The Turkish President also paid tributes to Father of Nation Mahatma Gandhi at Rajghat.

 


India Turkey Sign Three Agreement In Hindi

भारत और तुर्की के बीच 3 समझौते हुए,आतंकवाद जैसे मुद्दे पर दोनों देशों ने मिलकर लड़ने का संकल्प दोहराया। पीएम मोदी ने सुरक्षा परिषद, NPCR और NSG जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारतीय पक्ष का समर्थन करने के लिए तुर्की का धन्यवाद दिया। तुर्की के राष्ट्रपति इन दिनों भारत यात्रा पर हैं। आज दोनों देशों के बीच शिष्टमंडल स्तर की बातचीत हुई।

दिल्ली के हैदराबाद हाउस में जब तुर्की के राष्ट्रपति रजैप तय्यप एर्दोआन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच द्विपक्षीय बातचीत हुई तो दोनों नेताओं ने सुरक्षा और व्यापार जैसे अहम क्षेत्रों सहित आपसी संबंधों को बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की। साथ ही दोनों देशों ने साझा चिंताओं वाले क्षेत्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी बात की। लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत में जो मसला सबसे अहम था वो था आतंकवाद का।

बातचीत के बाद दोनों नेता जब संयुक्त बयान के लिए मीडिया के सामने आए तो साफ कहा कि आतंकवाद का लगातार जारी ख़तरा हमारी साझा चिंता का विषय है। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि कोई कारण या तर्क आतंकवाद को जायज नहीं ठहरा सकता। दोनों देशों ने आतंकवादियों को आश्रय और सहायता मुहैया कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की जरूरत पर जोर दिया।

तुर्की के राष्ट्रपति ने भारत की चिंताओं को जायज ठहराते हुए कहा कि आतंकवादी अपने ही बहाए खून में डूब जाएंगे। एर्दोगान ने कहा कि उनका देश आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में हमेशा भारत के साथ रहेगा।

बैठक के संयुक्त राष्ट्र सुधार और एनएसजी में भारत की सदस्यता जैसे तमाम मसले उठे। दोनों देशों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार पर जोर दिया ताकि ये संस्था और प्रभावी बन सके।

बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच तीन समझौते भी हुए हैं। दोनों देशों के बीच राजनयिक प्रशिक्षण संस्थान, टेलिकॉम, 2017 से 2020 तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्र में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं। पीएम ने कहा कि भारत और तुर्की बड़ी अर्थव्यवस्था है और जरूरत है कि दोनों देश अपनी अच्छी अर्थव्यस्था का फायदा उठाएं।

इससे पहले तुर्की के राष्ट्रपति का राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत किया गया। उसके बाद वो राजघाट भी गए जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उन्होंने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से भी मुलाकात की।

दोनों देश आपस में मजबूत राजनीतिक संबंध चाहते हैं लेकिन साथ ही नई सदी में जोर आर्थिक संबंधों पर भी है, ताकि रिशतों में हर क्षेत्र में मजबूती आए।

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