Laptop Yojana Scam

Laptop Yojana Scam

लैपटॉप योजना में अखिलेश ने किया अरबों का घोटाला किया था
योगीराज में पूर्व की अखिलेश सरकार के घोटाले सामने आ रहे हैं। एक के बाद एक राज खुलता जा रहा है। योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पिछली सरकारों के कई ड्रीम प्रोजेक्ट समेत कई योजनाओं के जांच के आदेश दिए थे। योगी ने साथ ही पिछली सरकार के चहेते अफसरों पर भी अपना डंडा चलाया। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर अखिलेश यादव की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दरअसल, मुख्यमंत्री योगी ने अखिलेश सरकार की एक और महत्वपूर्ण योजना की जांच के आदेश दिए हैं। इससे समाजवादी पार्टी में खलबली मच गई है।

लैपटॉप वितरण योजना पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टेढ़ी नजर :

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश सरकार की कई योजनाओं की जांच के आदेश दिए हैं। इसी क्रम में पूर्व समाजवादी सरकार की एक और योजना पर मुख्यमंत्री योगी ने अपनी वक्र दृष्टि डाल दी है। योगी ने सपा की महत्वकांक्षी लैपटॉप वितरण योजना के जांच के आदेश दे दिए हैं।

अखिलेश ने खरीदे 15 लाख लैपटॉप, बांटे सिर्फ छह लाख :

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मिली जानकारी के मुताबिक सपा सरकार ने करीब 15 लाख लैपटॉप खरीदे थे, जिनमें से महज छह लाख के आस-पास ही लैपटॉप छात्र-छात्राओं में बांटे गए। अन्य लैपटॉप का क्या हुआ, इसकी जानकारी उपलब्ध नहीं हुई है। आरटीआई से हुए खुलासे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।

अखिलेश सरकार का अरबों का घोटाला :

अखिलेश सरकार ने साल 2012 से लेकर 2014 तक कुल 14 लाख 81, 118 लैपटॉप की खरीदी दिखाई। वहीं, भाजपा सरकार के शपथ समारोह से तीन दिन पहले सरकार ने 13,490 रुपए के 71,875 नए लैपटॉप लिए थे, जिसमें से करीब 6 लाख 11 हजार लैपटॉप का वितरण किया गया। बाकी अन्य करीब 9 लाख लैपटॉप के वितरण की जानकारी नहीं है। एक लैपटॉप की कीमत यदि 13, 490 रुपए है तो इस हिसाब से बाकी बचे 9 लाख लैपटॉप की कीमत 12,69,67,74,510 रुपए हुई। वितरण में गड़बड़ी के आधार पर लैपटॉप योजना पर सपा सरकार के सबसे बड़े घोटाले का आरोप लग गया है।

सपा सरकार की सबसे बड़ी योजना में धांधली:

अखिलेश सरकार के समय लैपटॉप योजना सबसे बड़ी योजनाओं में से एक थी, जिसके बाद सपा की इस योजना में धांधली के आरोप लग गए हैं। जानकारी के मुताबिक जहां जितने लैपटॉप का डिस्ट्रीब्यूशन दिखाया गया, वहां उनके आधे लैपटॉप भी वितरित नहीं किए गए। आरटीआई के तहत मिली जानकारी के मुताबिक आगरा में 38, 615 डिस्ट्रीब्यूशन दिखाकर सिर्फ 16,638 लैपटॉप बांटे गए। इलाहाबाद में 69,395 दिखाकर सिर्फ 20,341 लैपटॉप बांटे गए। अंबेडकर नगर में 40,177 दिखाकर 7,218 लैपटॉप बांटे गए। अमेठी में 13,165 दिखाकर 3, 820 लैपटॉप बांटे गए। आजमगढ़ में 43,011 दिखाकर 10,099 लैपटॉप बांटे गए। इटावा में 13,415 दिखाकर 10,645 लैपटॉप बांटे गए। वाराणसी में 28,680 दिखाकर 15,410 लैपटॉप बांटे गए। कन्नौज में 13,831 दिखाकर 5,605 लैपटॉप बांटे गए।

डाटा अपडेट न होने का बहाना :

आरटीआई एक्टिविस्ट शांतनु गुप्ता ने अखिलेश सरकार की इस ड्रीम प्रोजेक्ट की जानकरी हासिल की थी। वहीं, डिस्ट्रीब्यूशन में इतने बड़े अंतर पर उन्हें जवाब दिया गया कि डाटा अपडेट नहीं है। जिस पर गुप्ता ने कहा कि यदि 100-150 लैपटॉप का अंतर होता तो माना जा सकता था, लेकिन करीब 9 लाख से ऊपर इस संख्या का अपडेट होना संदेहात्मक है। वहीं, समाजवादी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक सभी 15 लाख लैपटॉप को 2012-2015 के बीच वितरित कर दिया गया।

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  1. parmeshwarkumardmk@gmail.com Name-Permeshwar kumar mandal VILL- Dudhani. P/O- Kunjora. P/S- Palojori. Dist- Deoghar(Jharkhand)814146

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