Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Kya He | प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ कैसे ले ?

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Kya He (PMMSY)

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Kya He :- दोस्तों आप को जान कर खुसी होगी की प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने किसानो के लिए प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना शुरू की है। इस योजना के तहत सरकार किसानो को मत्स्य पालन की और प्रोत्साहित करेगी। आप को बता दे की सरकार ने इस योजना को वित्त वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2025 तक लागू किया है। यह योजना देश भर में 5 साल के लिए लागु की जाएग। इस योजना का लाभ देश के मछली पालक किसान, मछली श्रमिक और मछली विक्रेताऔ को दिया जायेगा। आप को बता दे की केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना 20,050 करोड़ रुपये के बजट का निर्धारण किया है। सरकार का कहना है की PM Matsya Sampada yojana से देश के 5500000 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा है।

PMMSY के लाभार्थी कोन कोन होंगे ?

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) का लाभ सभी वर्गो के लोगो को दिया जायेगा। आप को बता दे की देश में ऐसे भी गरीब लोग हैं जिन के पास अपनी जमीन न होने के कारण दूसरे लोगो की जमीन पर काम करते हैं। भारत सरकार ने उन लोगो को मत्स्य पालन की और प्रोत्साहित किया है जिस से उन को रोजगार के लाभ मिले। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में मत्स्य पालन में सुधार लाना है। देश के सभी मछुआरे या मछली पालक इस योजना में आवेदन करने के लिए स्वतंत्र हैं। आपम को बता दे की इस योजना का लाभ मछुआरे, मत्स्य विकास निगम, मछली किसान, स्वयं सहायता समूह, मछली श्रमिक, मत्स्य संघ और मछली विक्रेता और एससी / एसटी / महिला / व्यक्ति आदि की और विशेष ध्यान दे रही है।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का बजट कितना है ?

PM Matsya Sampada yojana एक umbrella scheme है। भारत सरकार ने मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत 2020-25 में 20,050 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार ने तीन प्रकार की हिसेदारी सुनिश्चित की है। जिस में केंद्र सरकार का शेयर 9407 करोड़ रूपये, राज्य सरकार का शेयर 4880 करोड़ रूपये तथा बेनेफिशरीज शेयर 5763 करोड़ रूपये का निर्धारण किया है।

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana

Central Sector Scheme (CS)
इस योजना के लिए केंद्र सरकार संपूर्ण परियोजना इकाई लागत वहन करेगी।
इस योजना के अंतर्गत जो व्यक्ति अपना मत्स्य पालन अकेले या ग्रुप में खोलना चाहते या कोई व्यक्ति जो जनरल केटेगरी का हो उन को केंद्र सरकार की राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड की और से 40% सहायता दी जाएगी। इस के इलावा SC/ ST महिला वर्ग के लिए 60% की सहायता दी जाएगी।

Centrally Sponsored Scheme (CSS)
नार्थ ईस्टर्न और हिमालयन स्टेट्स के लिए केंद्र की सहायता 90% होगी। और स्टेट गवर्नमेंट का शेयर 10% होगा।
दूसरे राज्यों के लिए केंद्र का शेयर 60% होगा और राज्य का शेयर 40% होगा।
केंद्र शासित प्रदेश के लिए सारा शेयर केंद्र सरकार का होगा।

Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana fund

PMMSY योजना का प्रभाव

आप को पता होगा की भारत सरकार ने मत्स्य पालन के ऊपर 20,050 करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इस योजना के कारण मछली उत्पादन 13.75 मिलियन मीट्रिक टन से बढ़कर 22 मिलियन मीट्रिक टन हो सकता है। इस योजना से देश में मछली पालन का उत्पाद को दोगुना करने का प्रयास किया जायेगा। जो 4,689 करोड़ रुपये से बड़ा कर 1,00,000 करोड़ रुपये तक हो सकता है। यह योजना वर्तमान राष्ट्रीय औसत 3 टन से लगभग 5 टन प्रति हेक्टेयर उत्पादकता में सुधार करेगी। इस योजना से घरेलू मछली की खपत को 5-6 किलोग्राम से बढ़कर 12 किलोग्राम प्रति व्यक्ति हो जायगी। इस योजना से मछलीपालकों के साथ-साथ मछली किसानों की आय को दोगुना किया जायेगा। यह योजना आपूर्ति और मूल्य श्रृंखला के साथ मत्स्य पालन क्षेत्र में लगभग 55 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार की संभावनाएं पैदा करेगी। इस योजना से देश में मजबूत मत्स्य प्रबंधन और नियामक ढांचा तैयार किया जायेगा। भारत सरकार मछुआरो और मछली पालको को सामाजिक, शरीरिक और इकनोमिक सुरक्षा प्रदान करेगी। इस योजना से भारत के GDP में सुधार होगा। पीऍम मत्स्य सम्पदा योजना से कृषि जीवीए और निर्यात में योगदान को बढ़ाना दिया जायेगा। इस योजना से मछुआरों और मछली किसानों की आय दोगुनी हो जाएगी। जिस से देश में रोजगार का सृजन होगा। देश में फसल की कटाई के बाद के प्रबंधन और समानता में सुधार के लिए मॉडर्नाइजिंग और मजबूत करना

केंद्रीय योजनाएं / उप-योजनाएं जो PMMSY के तहत शुरू की गई हैं।

जहाजरानी मंत्रालय का सागरमाला कार्यक्रम – जो मछली पकड़ने के लिए और बंदरगाह / मछली लैंडिंग केंद्र और कोई अन्य स्वीकार्य गतिविधियां के लिए क्रय करती है।
प्रधानमंत्री किसान संपर्क योजना – कटाई के बाद के उद्योग और कोल्ड चेन सुविधाएं उपलब्ध करबाती है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना – (MGNREGS) तालाब निर्माण और जल निकायों के विकास के लिए काम करती है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना – इस योजना के तहत तालाब निर्माण और कृषि और किसान कल्याण कार्य करना है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन स्वीकार्य गतिविधियों के लिए कार्य करना है। मछली पकड़ने के बंदरगाह और अन्य स्वीकार्य गतिविधियों, प्रचार और मत्स्य निर्यात, प्रमाणन, ट्रेसबिलिटी, ब्रांडिंग, आदि में दोहरीकरण एमपीईडीए के साथ सहयोग।

किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के लिए मछुआरों और मछली किसानों की उत्पादन और उत्पादकता संबंधी गतिविधियाँ कार्यशील पूंजी की आवश्यकता को पूरा करना।
मछली किसान उत्पादक संगठनों / कंपनियों का संवर्धन (FFPOs / Cs) PMMSY और कृषि विभाग के माध्यम से, सहकारिता और किसान कल्याण, कृषि और किसान मंत्रालय जहां भी संभव हो, मछुआरों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए कल्याण और मछली किसानों और उनकी सौदेबाजी शक्ति को बढ़ाने के लिए।
प्रौद्योगिकी प्रदर्शन आनुवंशिक सुधार और न्यूक्लियस कृषि विभाग के सहयोग से प्रजनन केंद्र अनुसंधान और शिक्षा (डीएआरई) और वाणिज्य विभाग (एमपीईडीए)।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भारतीय राष्ट्रीय महासागर केंद्र संभावित मत्स्य पालन क्षेत्र (PFZ) के लिए सूचना सेवाएँ (INCOIS) सलाह और उपकरण मुहया करबाना है।
गृह मंत्रालय – तटीय सुरक्षा के लिए सीमा प्रबंधन, निगरानी नियंत्रण और निगरानी (MCS) संबंधित गतिविधियों सहित बायोमेट्रिक कार्ड इत्यादि प्रदान करना।

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना रजिस्ट्रेशन / एप्लीकेशन फॉर्म कैसे करें ?

आप को बता दे की भारत सरकार ने अभी इस योजना को शुरू किया है। सरकार मत्स्य सम्पदा योजना के लिए रोडमैप बना रही है। जल्द ही सरकार वेबसाइट जारी कर देगी। जिस के द्वारा आप जल्द ही रजिस्ट्रेशन और एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं।

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Pradhan Mantri Matsya Sampada Yojana Guideline  

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